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Jharkhand daily news


एक बेटा अपनी मां की अस्थियों को प्रवाहित करने के लिए बुधवार काे डीसी की अनुमति लेने समाहरणालय पहुंचा। काफी मशक्कत के बाद डीसी ने युवक काे अस्थियां प्रवाहित करने के लिए साहिबगंज जाने की अनुमति प्रदान की गई। जानकारी के अनुसार अारा बिहार के रहने वाले सुबोध कुमार सिंह का परिवार धनबाद के कोयला नगर नूतनडीह इलाके में रहता है। 21 मार्च को उनकी मां लीलावती देवी का देहांत हो गया। हिंदू धर्म के रीति-रिवाज के अनुसार, 7 दिनों के अंदर मृतक की अस्थियों को गंगा में प्रवाहित किया जाना होता है। इसको लेकर यह परिवार चिंतित था। आज सुबोध कुमार सिंह छोटे भाई प्रमोद के साथ उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने बताया कि उनके परिवार में अस्थियों को बनारस या सुल्तानगंज ले जाने की परंपरा रही है। लेकिन लॉकडाउन में प्रशासन जहां कहीं भी ले जाने की अनुमति देगा, वहीं पर अस्थियों को प्रवाहित कर देंगे। डीसी से अनुमति के बाद आदेश की कॉपी लेकर वह परिवार चला गया।

संकट की घड़ी में चिकित्सक की अाेर से बढ़िया पहल

काेराेना से बचाव के लिए धनबाद में भी लाॅकडाउन है। एेसे में संजीवनी नर्सिंग हाेम धनसार के अाॅर्थाेपेडिक्स डाॅ सुनील कुमार ने लाेगाें की सहायता के लिए एक कदम अागे बढ़ाया है। उन्हाेंने इस दाैरान हड्डी राेग से संबंधित छाेटी से छाेटी जानकारी लाेगाें तक पहुंचाने के लिए अपना माेबाइल व व्हाट्सअप नंबर 9835166451 दिया है अाैर सहयाेग का भराेसा दिया है।

के अनुसार, 7 दिनों के अंदर मृतक की अस्थियों को गंगा में प्रवाहित किया जाना होता है। इसको लेकर यह परिवार चिंतित था। आज सुबोध कुमार सिंह छोटे भाई प्रमोद के साथ उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने बताया कि उनके परिवार में अस्थियों को बनारस या सुल्तानगंज ले जाने की परंपरा रही है। लेकिन लॉकडाउन में प्रशासन जहां कहीं भी ले जाने की अनुमति देगा, वहीं पर अस्थियों को प्रवाहित कर देंगे। डीसी से अनुमति के बाद आदेश की कॉपी लेकर वह परिवार चला गया।



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