उत्तरप्रदेश, बिहार, झारखंड व मध्यप्रदेश से मजदूरी करने ओडिशा गए मजदूर रात को पैदल चलकर बिलासपुर पहुंचे। लॉकडाउन के कारण उन्हें गाड़ियां नहीं मिली। मजदूरों की हालत काफी खराब थी। तीन दिन बाद रविवार की रात बिलासपुर पहुंचे। उनके पास खाने पीने के लिए कुछ नहीं था। कोरोना महामारी के कारण देश को 21 दिन के लिए लॉकडाउन कर दिया गया। दूसरे प्रदेश गए मजदूरों के सामने रोजी रोटी की समस्या शुरू हो गई। काम बंद होने के कारण सभी अपने घर लौट रहे हैं। इधर रायपुर में काम करने वाले दिहाड़ी मजदूर फैक्ट्री बंद होने के बाद राशन पानी खत्म हो गया तो अपने घरों के लिए पैदल ही चल पड़े। मजदूरों ने बताया कि खाने पीने की व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें घर जाने के लिए विवश होना पड़ा है । यूपी के सोनभद्र, बिहार के आरा छपरा एवं झारखंड के झाबुआ निवासी मजदूरों ने बताया कि वाहन न मिलने के कारण वे 400 से 600 किलोमीटर लंबी यात्रा पर पैदल ही निकल पड़े हैं। रास्ते में कुछ लोगों ने बिस्कुट पानी की व्यवस्था की। रास्ते में पुलिसकर्मियों से वाहन की मांग की गई पर डांट कर भगा दिया। वे अंबिकापुर जाकर वहां से यूपी झारखंड व बिहार के लिए अलग-अलग रवाना होंगे। दो-तीन दिन पैदल चलने के बाद घर पहुंच जाएंगे। घर पर बूढ़े माता-पिता एवं छोटे-छोटे बच्चे इंतजार कर रहे हैं। कहा उनकी हालत खराब है। परिवार के बीच पहुंचकर राहत व सुकून मिलेगा। यहां इधर-उधर मांग के भोजन करने व पुलिस की लाठी खाने से अच्छा है कि घर पहुंच जाएं। तीन बच्चों व प|ी के साथ शहडोल जा रहे युवक ने बताया कि वे प्रधानमंत्री का भाषण सुनने के बाद 10 दिन तक रायपुर में ठहरे थे।
पैरों पर पड़े छाले: मजदूरों का कहना है कि पैदल चलने के कारण उनके पैरों पर छाले पड़ गए हैं। आराम कर बढ़ रहे हैं। इस बीच रास्ते में कोई भोजन खिला देते हैं। इसलिए चल पा रहे हैं। खाना नहीं मिलेगा तो हमारी जान भी जा सकती है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2JuIe4Y
via
Comments
Post a Comment