Skip to main content

बस्तर में एक लाख लोग दूसरे राज्यों से लौट, इनकी पहचान और जांच बनी चुनौती

जगदलपुर. एक ओर कोरोनावायरस ना फैले, प्रशासन इसकी रोकथाम में जुटा है। वहीं उसके सामने बड़ी चुनौतियां भी खड़ी हो रही हैं। बस्तर संभाग के विभिन्न इलाकों से एक चिंताजनक बात सामने आ रही है। बताया जा रहा कि एक सप्ताह के अंदर करीब एक लाख लोग अपने घर लौट आये हैं। यह सिलसिला अब भी जारी है। इनमें से ज्यादातर लोग केरल, तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र जैसे राज्यों से आये है। जहां बड़ी संख्या में कोरोना पॉजिटिव मरीज मिल चुके है।

वापस आने वालों की नहीं हो सकी है जांच
इससे भी ज्यादा चिंताजनक बात यह कि वापस आने वालों की कोई डॉक्टरी जांच ही नहीं हो सकी है। बाहर से आकर वे अपने गांव, कस्बों और शहर स्थित घर पर ही रह रहे हैं। अलग-अलग राज्यों और यहां तक कि विदेशों से लौटे लोगों की पूरी जानकारी और संख्या प्रशासनिक अमले के पास भी नहीं है। प्रशासन की बार-बार की अपील के बाद भी लोग न तो खुद को होम आइसोलेट कर रहे है और न ही हॉस्पिटल तक पहुंच रहे हैं। हालात, ऐसे हैं कि अब प्रशासनिक अफसर गांवों और शहरों में स्वास्थ्य कार्यकर्ता, मितानिन, आंबा कार्यकर्ता को एक-एक घर भेज कर इनकी हिस्ट्री तैयार करवा रहे हैं। इस रिकॉर्ड बनाने की प्रक्रिया के दौरान ही बाहर से आए लोगों को समझाईश दी जा रही है कि वो घरों से बाहर न निकलें। प्रशासन के लाख कोशिश के बाद भी लोग होम आइसोलेशन होने को तैयार नहीं है।

17 बस्तरिया विदेश से आए, प्रशासन को नहीं दी जानकारी
कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे के बीच अब प्रशासन ने संदिग्धों और बाहर से आने वाले लोगों की जांच और इन्हें होम आइसोलेशन में रखने की व्यवस्था में तेजी लाई है। लेकिन चिंता की वजह ऐसे 17 लोग बन गए हैं जिन्होंने विदेश से लौटकर इसकी सूचना प्रशासन को नहीं दी है। ऐसे में अब टीम इन्हें ढूंढ़ने में लगी है।

गुरुवार शाम तक शहर में 32 परिवारों को होम आइसोलेशन में रखा जा चुका था। इन परिवारों पर निगरानी के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ पुलिस को भी जिम्मा सौंपा गया है। इन सभी परिवारों का कोई सदस्या या विदेश से लौटा है या फिर कोरोना से प्रभावित प्रदेशों से आए हैं। शहर में अभी यह संख्या सिर्फ 32 पहुंची है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
यह तस्वीर है संजय मार्केट की, भीड़ के बीच भी लोगों में दूरी बनी रहे, इसके लिए गोले बनवाए गए हैं।


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3buIME9
via

Comments