रायपुर. कोरोना को लेकर जागरूकता बढ़ने के साथ ही सैनिटाइजरऔर मास्क की कमी बढ़ती जा रही है। 100-200 एमएल के सैनिटाइजर कहीं नहीं मिल रहे हैं। कुछ दुकानों में 500 एमएल के ही उपलब्ध हैं। राेज करीब 5 हजार लीटर की सप्लाई पूरे प्रदेश में की जा रही है, लेकिन कुछ घंटों में स्टॉक खत्म हो रहा है। शनिवार को ड्रग इंस्पेक्टरों की टीम ने दवा दुकानों में छापे मारकर जांच की। ज्यादातर दुकानों में न सैनिटाइजर मिले न मास्क। स्थिति को देखते हुए आनन-फानन में 4 फैक्ट्रियों को सैनिटाइजर की एजेंसी दी गई।
ड्रग विभाग के अफसरों का दावा है कि सप्लाई का सिस्टम बढ़ाने से सोमवार से सैनिटाइजर की कमी नहीं रहेगी। पूरे राज्य में अब तक छत्तीसगढ़ डिस्टलरी को सप्लाई का जिम्मा सौंपा गया था। इसके अलावा दुर्ग में स्वर्णा होम केयर प्रोडक्ट को एजेंसी दी गई थी। अब बिलासपुर और मुंगेली की एक-एक और राजधानी में ओपीजी फार्मा और एनएन ड्रग को सैनिटाइजर सप्लाई की एजेंसी दी गई है। इतनी एजेंसियों के माध्यम से सप्लाई होने पर दिक्कत नहीं होगी।
जरूरी दवाएं भी नहीं, ट्रांसपोर्टिंग बंद
मास्क और सैनिटाइजर के अलावा जरूरी दवाओं की सप्लाई पर भी असर पड़ रहा है। ट्रांसपोर्टिंग पूरी तरह से बंद होने के कारण बाहर से दवाएं नहीं आ रही हैं। शनिवार को तो थोक दवा बाजार में 25 प्रतिशत दुकानें बंद रही। ज्यादातर दुकानों में स्टाफ नहीं आ रहे हैं। कामकाज संभालने में हो रही दिक्कत को देखते हुए दुकानदारों ने कारोबार ही बंद कर दिया है। एक दवा कारोबारी के अनुसार वे भी शाम 6 बजे तक ही दुकान खोल रहे हैं क्योंकि दिनभर अकेले संभालने के बाद वे रात तक दुकान में नहीं बैठ सकते।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3asusMa
via
Comments
Post a Comment