Skip to main content

काम करने बालौद के 6 मजदूर महाराष्ट्र में फंसे, सालसा की पहल पर मदद मिली


बालोद जिला के ग्राम बासीन के 6 ठेका मजदूर काम करने महाराष्ट्र के सतारा जिला गए थे। वहां वे काम कर रहे थे कि कोरोना वायरस के फैलाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने पूर्ण लाॅक डाउन की घोषणा कर दी। मजदूर अपने गांव लौट पाते इससे पहले स्थानीय प्रशासन व पुलिस ने कोरोना के फैलाव को रोकने के लिए कराड तहसील में ही रोक लिया। पैसे की कमी, खाने की किल्लत होने पर मजदूरों ने ग्राम सरपंच से मदद मांगा। लेकिन उन्हें मदद नहीं मिली। इसके बाद मजदूरों ने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के टोलफ्री नंबर 15100 पर फोन कर मदद मांगा। इसे बिलासपुर में रिसीव किया गया। मजदूरों ने बताया कि वे राज्य के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के गृहग्राम से हैं। सालसा ने महाराष्ट्र सालसा के सहयोग से गुरुवार को मजदूरों को मदद पहुंचाया।

छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (सालसा) के टोल फ्री नंबर में मजदूरों ने खुद को कराड तहसील में फंसे होने की जानकारी दी। साथ ही बताया कि वे ठेकेदार की मदद से काम करने गए थे, लेकिन अब मुसीबत आने पर कोई भी मदद नहीं कर रहा है। उनके साथ एक गर्भवती महिला भी है। कोरोना वायरस के कारण लाॅक डाउन है और उन्हें निकलने नहीं दिया जा रहा, बस और ट्रेन भी बंद है। उनके पास राशन भी कुछ समय के लिए ही बचा है। गांव के सरपंच भी संपर्क करने पर मदद नहीं किए। मजदूर अपने घर वापस नहीं आ पा रहे हैं। मजदूरों के साथ एक गर्भवती महिला होने, ठेकेदार और सरपंच द्वारा मदद से इनकार करने की जानकारी पर छत्तीसगढ़ सालसा के सचिव सिद्धार्थ अग्रवाल ने मदद के लिए महाराष्ट्र सालसा को सूचना दिया। सालसा की त्वरित सहयोग करने के लिए कहने पर महाराष्ट्र सालसा ने सतारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से कराड तहसील में फंसे लोगों तक सुविधाएं पहुंच गई। गर्भवती महिला और सभी मजदूरों का मेडिकल चेकअप हुआ। आवश्यक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई गई हैं।

ये फंसे हैं

तेखराम साहू 35, बेहान कुमार साहू 25, खेमन साहू 27, काजल साहू 25, मोहिनी साहू 22, लीलाधर साहू 25 हैं। इसमें काजल साहू गर्भवती है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2UD0WwK
via

Comments