कोरोना वायरस की महामारी से शहरवासियों को बचाने उन्हें पानी, बिजली और सफाई की निरंतर सेवा देने के मामले में नगर निगम आगे चल रहा है। शहर की सड़कों पर चकाचक सफाई नाले, नालियों की सफाई व पेयजल सप्लाई निर्बाध रूप से चल रही है, तो इसका श्रेय निगम की निर्वाचित परिषद के पदाधिकारी, अधिकारी और तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के 500 से अधिक कर्मचारियों को जाता है। इसके अतिरिक्त जरूरतमंदों को भोजन के पैकेट, होम डिलीवरी के लिए 100 से अधिक कर्मचारी व अन्य लोग सेवाएं दे रहे हैं। बता दंें कि कोरोना से बचाव कार्य में लगे केंद्रीय कर्मचारियों के लिए केंद्र सरकार ने 50 लाख तक के बीमा के आदेश दिए हैं। वहीं राज्य सरकार कोरोना वायरस से बचाव के लिए निकायों की टीम को एक महीने का अतिरिक्त वेतन देने पर अभी विचार ही कर रही है। कोरोना से बचाव के लिए अलग से बीमा का लाभ नहीं दिया जा रहा है।
जानिए किस विभाग में कितने कर्मचारी
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के नोडल अधिकारी अनुपम तिवारी ने बताया कि मैकेनाइज्ड सफाई तथा वार्डों की सफाई के लिए लायंस सर्विसेज के दिन में 650 तथा रात पाली में 24 और एमएसडब्ल्यू सोल्यूशन लिमिटेड के डोर टू डोर कचरा कलेक्शन व कचरे से खाद तैयार करने के काम में 164 कर्मचारी काम कर रहे हैं। ठेके की शर्तों के मुताबिक इनका बीमा कराया जाता है। कोरोना वायरस से बचाव के लिए इन्हें कवरेज दिया गया है या नहीं ? इसकी जानकारी नहीं है। हैल्थ आफिसर डा.ओंकार शर्मा ने बताया कि निगम के सफाई विभाग में 296 नियमित, 34 दैनिक, टास्क में 96 तथा 260 ठेका श्रमिक नाले, नालियों की सफाई व सड़क, गलियों की सफाई कर रहे हैं। ठेकेदारों को अपने कर्मचारियों का बीमा कराने पत्र दिया गया है। निगम कर्मचारियों के लिए शासन के नियमों के अनुसार वेतन से राशि काटी जाती है। अलग से बीमा का कोई प्रावधान नहीं किया गया है। ईई अजय श्रीवासन के मुताबिक नल जल विभाग में 80 कर्मचारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
एक महीने के अतिरिक्त वेतन पर विचार : डिप्टी कमिश्नर खजांची कुम्हार से कोरोना से बचाव के लिए बीमा के बारे में पूछने पर उन्होंने अनभिज्ञता जाहिर की। राजधानी रायपुर स्थित निकाय के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि दो दिनों के अंदर निगम कर्मियों को एक महीने का अतिरिक्त वेतन देने का निर्णय लिया जाएगा।**
स्वास्थ्य कर्मियों को मिलेगा बीमा का लाभ
शासन के नियमानुसार तृतीय श्रेणी के जिन कर्मचारियों के वेतन से 300 रुपए मासिक तथा चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के वेतन से 180 रुपए मासिक कट रहा है, उनकी आकस्मिक मृत्यु पर क्रमश: 3 लाख और 1.80 लाख की बीमा राशि के भुगतान के पुराने आदेश हैं। कोरोना वायरस की आकस्मिक महामारी से निबटने में लगे निगम अमले को अलग से बीमा का लाभ नहीं दिया जा रहा है।
निगम कर्मियों को सुरक्षा देने की मांग: अखिल भारतीय स्वायत्तशासी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय कार्यकारी महामंत्री सुरेश तिवारी ने शासन से मांग की कि केंद्रीय कर्मचारियों की तरह उन्हें कोरोना वायरस से बचाव के लिए किए जा रहे जोखिमपूर्ण कार्य के लिए अलग से बीमा का लाभ देना चाहिए।
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