मुख्य सचिव आरपी मंडल ने गुरुवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये संभाग और जिले के अधिकारियों से स्पष्ट तौर पर कहा कि कोरोना संकट के दौरान प्रदेश का कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे और न ही सूबे में खाद्यान्न की कमी हो। उन्होंने अफसरों को चेताया कि आम आदमी को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसमें किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीएस ने सभी संभागायुक्त, आईजी, कलेक्टर,
एसपी, डीएफओ, सीईओ जिला पंचायत, आयुक्त नगर निगम, सीएमओ, खाद्य अधिकारी को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से अनेक निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण के रायपुर, दुर्ग राजनांदगांव तथा बिलासपुर में पॉजेटिव केश मिले है। इनके तथा इनके परिवार की पर्याप्त मानिटरिंग करें ताकि इनसे अन्य कोई प्रभावित न हो। मुख्य सचिव ने कहा कि कोरोना वायरस के बचाव के लिए अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में डिजास्टर मेनेजमेंट कमेटी बनाई जाएगी, जिसमें प्रदेश स्तर के 5 अधिकारी रहेंगे। इसमें परिवहन तथा खाद्य संबंधी समस्या के लिए डॉ. कमलप्रीत सिंह, सचिव खाद्य एवं परिवहन, स्वास्थ्य संबंधी समस्या के लिए निहारिका बारिक सिंह, सचिव स्वास्थ्य, साफ सफाई व्यवस्था के लिए नगरीय प्रशासन सचिव व
संचालक अलरमेलमंगई डी. और कानून व्यवस्था के लिए पुलिस महानिदेशक डीएम अवस्थी रहेंगे।
होम क्वारंटाइन तो लगेगा स्टिकर
मुख्य सचिव ने कहा कि जो होम क्वारंटाइन में है उन पर स्टिकर लगा दिया जाए ताकि वे घर के बाहर न घूमे। यदि वे घूमेंगे तो हमें पता चल सके, इससे दूसरे लोग प्रभावित नहीं होंगे। मुख्य सचिव ने कहा कि कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक यह सुनिश्चित करें कि हमारे प्रदेश में जो जहां है, वहीं रहेगा। गांव से मजदूरी करने के लिए प्रदेश के बाहर गए है और प्रदेश में मजदूरी करके आ रहा है, तो उसे चेक करना होगा, एवं अभी आने न पाये, ऐसी व्यवस्था करें। किसी भी स्थिति में अंतर्राज्यीय सीमा से किसी और राज्य से बस इत्यादि से लोगों का परिवहन नहीं होना चाहिए। प्रदेश में नगर निगम, नगर पंचायत तथा पंचायत स्तर सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानें खुली रहे। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत की जवाबदारी है।
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