संकट की घड़ी में लोगों की मदद के बजाए कालाबाजारी में जुटे व्यापारी, अंबिकापुर में एक माह में खपत होने वाला आलू 4 दिन में बिका
अंबिकापुर.लॉकडाउन से आई संकट की इस घडी में जहां जरूरतमदों की मदद के लिए समाज सेवी व अन्य संगठन आगे आकर मानवीयता की मिसाल कायम कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ जिले के अधिकतर छोटे- बड़े किराना, राशन और सब्जी व्यापारियों का अमानवीय चेहरा भी सामने आया है। वह इस संकट की घड़ी को नजर अंदाज कर जमकर मुनाफा खोरी कर रहे हैं।
बता दें कि शहर के 23 हजार परिवार एक माह में करीब 20 ट्रक आलू खरीदते थे जो 45 लाख का पड़ता था। अब वही 20 ट्रक आलू सिर्फ 4 दिन में दोगुने रेट पर व्यापारियों ने बेचते हुए करीब 45 लाख की मुनाफा खोरी की है। इसके बाद भी जिला प्रशासन इस ओर संज्ञान नहीं ले रहा है। मामले में शुक्रवार को भाजपा नेता ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर इस समस्या का निराकरण करने की मांग की है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता व पार्षद आलोक दुबे ने शुक्रवार को कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर राशन व सब्जियों की कालाबाजारी की शिकायत कर इस पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिए देश में लॉकडाउन हुआ है। इसमें जरूरी सेवाओं को मुक्त रखा गया है। वहीं मौके का फायदा उठाने में जुटे व्यापारी मनमानी कर रहे हैं। इसके बाद भी जिला प्रशासन ने अब तक जिले में खाद्य आपूर्ति क्राइसेस मैनेजमेंट सेल का गठन नहीं किया है और न ही इस संबंध में शिकायत के लिए कोई हेल्प लाइन नंबर जारी किया गया है। इससे व्यापारी मनमाने रेट पर सामान बेच रहे हैं। उन्होंने इस पर रोक लगाने के लिए कदम उठाने की जरूरत बताई है। कहा कि अधिक रेट पर सामान बेचने वालों पर जुर्माना लगाया जाए और एफआईआर दर्ज कराई जाए।
बाहर से मंगाना पड़ रहा आलू और प्याज
जिले में हरी सब्जियां पर्याप्त मात्रा में हैं। वहीं आलू और प्याज बाहरी जिलों व राज्यों से मंगवाना पड़ता है। ऐसे में रेट अधिक पड़ रहा है। जिले वासियों को चाहिए की वह हरी सब्जियां खाएं इससे रेट कम पड़ेगा। -लक्ष्मी गुप्ता, थोक व्यापारी संघ संरक्षक
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