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कोच दंपति हर साल स्लम से निकाल रहे 20 नेशनल प्लेयर


स्लम के बच्चों को कबड्डी में स्टार बनाने वाले दो कोच ने 16 साल की मेहनत से भिलाई में सैडको नेशनल प्लेयर तैयार कर चुके हैं। हम बात कर रहे हैं अंतरराष्ट्रीय कबड्डी कोच ए प्रकाश राव और छाया प्रकाश राव की। जिन्होंने 11 साल में खुर्सीपार की लड़कियों को खेलो इंडिया तक पहुंचाया।

2018 में जहां जोन-2 स्कूल के ग्राउंड में शिक्षा विभाग की मदद से बने ग्राउंड में 6 खिलाड़ी खेलो इंडिया में सिलेक्ट हुए तो वहीं इससे अगले साल 2019 में 8 खिलाड़ियों का चयन खेलो इंडिया के लिए हुआ। दोनों ही कोच ने सभी खिलाड़ियों को बचपन से ही ट्रेनिंग देकर इस मुकाम पर पहुंचाया।

खुर्सीपार में स्लम के बच्चों को शुरू से ही कबड्डी के खेल में एक्सपर्ट बनाने ट्रेनिंग दी जाती है। ग्राउंड में कोच राघवेंद्र प्रताप सिंह और रिजवाना साथ में खिलाडिय़ों को कोचिंग देते है। जोन-2 के ग्राउंड को बनाने के लिए डीईओ आशुतोष चावरे ने 60 हजार रुपए सेंशन करवाया था। जिसके बाद वहां खिलाड़ियों को और भी बेहतर सुविधा मिल रही थी। अभी खिलाड़ियों को बाल मंदिर ग्राउंड में ट्रेनिंग दी जा रही है।

{2004 से 2009 तक से.-1 में

{2009 से 2020 तक खुर्सीपार जोन-2 स्कूल में दी ट्रेनिंग।

{2020 से बाल मंदिर ग्राउंड में अब खिलाड़ियों को अभ्यास कराया जा रहा है।

स्लम के बच्चे को दी जाती है निशुल्क ट्रेनिंग, हर साल निकलते हैं सैकड़ो खिलाड़ी

फिलहाल खिलाड़ियों को अभी बाल मंदिर ग्राउंड अंडा चौक में ट्रेनिंग दी जाती है। खुर्सीपार में खिलाड़ियों को निशुल्क कोचिंग स्लम के बच्चों को दिया जाता है। इन बच्चों को बिना फीस लिए ही ए प्रकाश और छाया कबड्डी सिखाते हैं। 2009 से जोन-2 स्कूल में खिलाड़ियों को कबड्डी सिखाया जाता था। लेकिन लोकल नेताओं की राजनीति के कारण वहां से ग्राउंड बंद कर अब बाल मंदिर ग्राउंड में खिलाड़ियों को निशुल्क ट्रेनिंग दी जा रही है। हर साल नेशनल प्लेयर तैयार हो रहे हैं।

दो साल पहले शुरू हुए खेलो इंडिया में सबसे ज्यादा यहां से खिलाड़ी

केंद्र सरकार द्वारा खेलों को बढ़ावा देने के लिए दो साल पहले खेलो इंडिया की शुरुआत हुई थी। जिसमें कबड्डी में सबसे ज्यादा खिलाड़ी हमारे यहां से थे। 2018 में पांच गर्ल्स और एक ब्वॉयज ने खेलों इंडिया में अपना जगह पक्का किया था। वहीं इसके अगले साल 2019 में 7 गर्ल्स और 1 ब्वॉयज खिलाड़ी खेलो इंडिया के लिए सिलेक्ट हुए। साई के कैंप में भी भिलाई की बालिका खिलाड़ियो ने अपने प्रदर्शन के दम पर जगह बनाई और अपने आप को साबित किया है।

तीन अवार्डी खिलाड़ी भी निकल चुके हैं इस ग्राउंड से

कोच की मेहनत के कारण हर साल सैकडों नेशनल खिलाड़ी यहां से निकलते हैं। इसमें तीन तीन शहीद पंकज विक्रम अवार्ड खिलाड़ी भी है। जिसमें तारिका देवी साहू , रितना छोटे राय और कामता प्रसाद को यह अवार्ड मिल चुका है। इसके अलावा डुमरडीह का डुमेश्वर, रहमान अली खान, र|ा सागर और अलीशा ने भी इंडिया कैंप में अपनी जगह पक्की की है। वहीं 25 से 30 खिलाड़ी शासकीय सेवा में लग चुके है।

छाया राव

ए प्रकाश राव



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Bhilai News - chhattisgarh news coach couple removing 20 national players from slum every year
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